Our social:

17 नव॰ 2025

भारत की स्पिन कमजोरी: कोलकाता टेस्ट विश्लेषण

https://www.cricketerview.blogpost.com

 रविवार को टीम कोलकाता टेस्ट 30 रन से हार गई। इसी के साथ भारतीय टीम  साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 टेस्ट की सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है।


 ईडन गार्डन्स स्टेडियम में 124 रन का टारगेट चेज करते हुए भारतीय टीम 93 रन पर सिमट गई। यह भारत की टेस्ट मैचों में पिछले एक साल में घरेलू मैदान पर चौथी हार है।भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाज़ी की हालिया स्पिन कमजोरी का मूल कारण क्या है? भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाज़ी की हालिया स्पिन कमजोरी का मूल कारण कई तकनीकी, मानसिक और रणनीतिक कमियों का संयोजन है, जैसा कि स्रोतों में बताए गए विशेषज्ञ विश्लेषण से स्पष्ट होता है। कमजोरी के मुख्य कारण: 1. तकनीकी और फुटवर्क में कमी (Technical and Footwork Deficiency): ◦ सबसे पहली और सबसे बड़ी समस्या footwork की है। ◦ जब बैटर स्पिनिंग ट्रैक पर होते हैं, तो उन्हें या तो पूरी तरह आगे जाना होता है या पूरी तरह पीछे। ◦ लेकिन इस सीरीज़ में भारतीय बैटर्स बार-बार बीच में फँसते रहे—ना आगे, ना पीछे। यह बीच में फँसना ही हर नई मुश्किल का चक्र शुरू करता है। 2. बुनियादी कौशल (Basic Skills) का अभाव: ◦ बल्लेबाजों में स्पिन को पढ़ने की कला, गेंद की लेंथ समझने की क्षमता, और हाथ को soft रखने (soft hands) जैसे बुनियादी कौशलों पर काम करने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत दिखती है। ◦ विशेष रूप से, स्पिनर्स को पढ़ने की कला वापस लानी होगी। 3. मानसिक तैयारी में कमी (Lack of Mental Preparation): ◦ पिछले एक साल के कड़वे सच को देखते हुए, कहीं न कहीं skill और mental preparation में कमी साफ दिखती है। ◦ स्पिन सिर्फ गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि एक 'Dimaagi game' (दिमागी खेल) है। अगर बल्लेबाज़ इसे पढ़ने में चूक जाते हैं तो विकेट चला जाता है। 4. खराब बल्लेबाज़ी का पैटर्न (Poor Batting Pattern): ◦ कोलकाता टेस्ट के विश्लेषण से पता चला कि टीम इंडिया ने अपने 60% विकेट स्पिनर्स के सामने खोए। ◦ कमेंट्री बॉक्स के विश्लेषण के अनुसार, एक पैटर्न यह उभरता है कि स्पिनर की flight batter को अपनी तरफ खींचती है, और बल्ला बस आधे मन से निकलता है। इसके परिणामस्वरूप या तो inside edge लगती है या गेंद सीधा close-in fielder के हाथ में चली जाती है। 5. आंकड़ों द्वारा पुष्टि: ◦ पिछले एक साल में भारत में खेले गए 6 टेस्ट मैचों में गिरे कुल 87 विकेटों में से 60 विकेट स्पिनर्स ने लिए। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से बताता है कि स्पिन गेंदबाज़ी भारतीय बैटर्स के लिए एक 'headache' (सिरदर्द) बनी हुई है। ◦ कोच गौतम गंभीर ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा था कि पिच में कोई गलती नहीं थी, बल्कि बल्लेबाज़ी खराब थी। इन समस्याओं को दूर करने के लिए फुटवर्क को 'sharpen' करना, सही लाइन्स पर अटैक की रणनीति बनाना, और Sweep, reverse sweep, lofted shots जैसे शॉट्स का आत्मविश्वास से इस्तेमाल करना आवश्यक बताया गया है। पिछले एक वर्ष में भारतीय पिचों पर टेस्ट मैचों के विकेट गिरने का मुख्य पैटर्न क्या दर्शाता है? पिछले एक वर्ष में भारतीय पिचों पर टेस्ट मैचों के विकेट गिरने का मुख्य पैटर्न स्पिन गेंदबाजों के वर्चस्व को दर्शाता है। यह पैटर्न और इसके निहितार्थ इस प्रकार हैं: 1. आँकड़ों में मुख्य पैटर्न (Dominant Pattern in Statistics): ◦ पिछले एक वर्ष में भारत में कुल 6 टेस्ट मैच खेले गए। ◦ इन मैचों में कुल 87 विकेट गिरे। ◦ इन 87 विकेटों में से, 60 विकेट स्पिनरों ने लिए। ◦ वहीं, तेज़ गेंदबाजों ने सिर्फ 27 विकेट लिए। ◦ इस पैटर्न का एक उदाहरण हाल के कोलकाता टेस्ट में भी देखने को मिला, जहाँ टीम इंडिया ने अपने 60% विकेट स्पिनर्स के सामने खो दिए। एक commentary box विश्लेषण के अनुसार, 20 में से 12 विकेट स्पिनरों को गए, जिसे एक स्पष्ट "pattern" बताया गया। 2. पैटर्न का निहितार्थ (Indication of the Pattern): ◦ विकेट गिरने का यह पैटर्न सीधे तौर पर दर्शाता है कि स्पिन गेंदबाजी भारत के बल्लेबाजों के लिए एक 'सिरदर्द' (headache) बनी हुई है। ◦ यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि भारत को एक ऐसा देश माना जाता था जहाँ स्पिन खेलना "बच्चों का खेल था," लेकिन आज वही भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। 3. अंतर्निहित समस्याएँ (Underlying Issues): ◦ यह संघर्ष कहीं न कहीं कौशल (skill) और मानसिक तैयारी (mental preparation) में कमी को दर्शाता है। ◦ एक खिलाड़ी के दृष्टिकोण से, स्पिनिंग ट्रैक पर फ़ुटवर्क (footwork) सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस सीरीज़ में बार-बार यह दिखा कि भारतीय बल्लेबाज बीच में फँसते रहे—ना पूरी तरह आगे, ना पूरी तरह पीछे। ◦ समस्याएँ बुनियादी कौशल में भी दिखती हैं, जैसे स्पिन को पढ़ना (reading the spin), गेंद की लेंथ समझना, और हाथ नरम रखना (keeping soft hands)। ◦ विकेट अक्सर इस तरीके से गिरते हैं कि स्पिनर की ‘फ़्लाइट’ बल्लेबाज को खींचती है, गेंद पैर के बाहर गिरती है, और बल्लेबाज आधे-अधूरे मन से बल्ला निकालता है, जिसके परिणामस्वरूप या तो इनसाइड एज लगता है या गेंद सीधा क्लोज-इन फील्डर के हाथ में चली जाती है। 4. सुधार की आवश्यकता: ◦ बल्लेबाजों को अपना फ़ुटवर्क तेज (sharpen) करना होगा। ◦ उन्हें स्वीप, रिवर्स स्वीप और लॉफ्टेड शॉट्स का आत्मविश्वास से इस्तेमाल करना होगा। ◦ सबसे ज़रूरी, स्पिनरों को पढ़ने की कला वापस लानी होगी, क्योंकि स्पिन केवल गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि एक दिमागी खेल (Dimaagi game) है। स्पिन गेंदबाजी का सामना करने के लिए बल्लेबाजों को अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी में क्या सुधार करना चाहिए? स्पिन गेंदबाजी का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए, बल्लेबाजों को अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुधार करने चाहिए, जैसा कि स्रोतों में विशेषज्ञ विश्लेषण द्वारा सुझाया गया है: भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदा कमजोरी को देखते हुए, जिसमें साफ तौर पर कौशल (skill) और मानसिक तैयारी (mental preparation) में कमी दिखती है, निम्नलिखित सुधार आवश्यक हैं: I. तकनीकी सुधार (Technical Improvements) 1. फ़ुटवर्क को तेज करना (Sharpening Footwork): ◦ सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण चीज़ फ़ुटवर्क है। ◦ जब बल्लेबाज स्पिनिंग ट्रैक पर होते हैं, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे या तो पूरी तरह आगे जाएँ (fully forward) या पूरी तरह पीछे (fully back) जाएँ। ◦ सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस सीरीज़ में भारतीय बल्लेबाज बार-बार बीच में फँसते रहे—ना आगे, ना पीछे। यह बीच में फँसना ही मुश्किलों का चक्र शुरू करता है। इसलिए फ़ुटवर्क को 'sharpen' करना पड़ेगा। 2. बुनियादी कौशल पर काम करना (Focusing on Basic Skills): ◦ बल्लेबाजों को बुनियादी कौशलों पर काम करने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। इन कौशलों में शामिल हैं: ▪ स्पिन को पढ़ना (Spin ko padhna)। ▪ गेंद की लेंथ समझना (Length samajhna)। ▪ हाथ नरम रखना (हाथ soft रखना)। 3. आक्रामक शॉट्स का आत्मविश्वास से उपयोग: ◦ बल्लेबाजों को अपनी रणनीति में सुधार करते हुए स्वीप (Sweep), रिवर्स स्वीप (reverse sweep), और लॉफ्टेड शॉट्स (lofted shots) का आत्मविश्वास से इस्तेमाल करना होगा। ◦ इसके साथ ही, उन्हें सही लाइन्स पर अटैक की रणनीति (Theek lines par attack strategy) बनानी होगी। II. मानसिक और रणनीतिक तैयारी (Mental and Strategic Preparation) 1. स्पिन को 'दिमागी खेल' के रूप में समझना: ◦ स्पिन केवल गेंदबाज़ी नहीं है; यह एक 'दिमागी खेल' (Dimaagi game) है। ◦ अगर बल्लेबाज गेंद को पढ़ लेते हैं (read the spin), तो खेल आसान हो जाता है, लेकिन अगर वे चूक जाते हैं, तो विकेट चला जाता है। 2. स्पिनर्स को पढ़ने की कला वापस लाना: ◦ सबसे ज़रूरी सुधार यह है कि स्पिनरों को पढ़ने की कला (spinners ko padhne ki kala) वापस लानी होगी। ◦ अगर बल्लेबाज इसे पढ़ने में चूक जाते हैं, तो विकेट चला जाता है, जैसा कि अक्सर तब होता है जब स्पिनर की 'फ़्लाइट' बल्लेबाज को खींचती है, और बल्ला बस आधे मन से निकलता है। कोलकाता टेस्ट, लंच तक भारत 10/2, टारगेट 124:यशस्वी-राहुल आउट, गिल अस्पताल में भर्ती; साउथ अफ्रीका 153 रन पर ऑलआउट “भारत की हार का एक ही कारण है — स्पिन के खिलाफ खराब technique. भारत पहला टेस्ट हारकर तीसरे से चौथे नंबर पर खिसका: जानिए WTC का गणित 12 में से 20 विकेट spin पर गिरना बताता है कि footwork और confidence दोनों missing हैं. साउथ अफ्रीका पांचवे से नंबर-2 पर आया, ऑस्ट्रेलिया टॉप पर; /marquee> Pitch नहीं, batting attitude जिम्मेदार है.” भारत घर में 15 साल बाद साउथ अफ्रीका से हारा WTC में टॉप पर है ऑस्ट्रेलिया दोनों टीमें के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा। भारत के पास दूसरा टेस्ट जीतकर तीसरे नंबर पर वापस आने का मौका है। वहीं, सीरीज हारने पर टीम टॉप-5 पोजिशन से बाहर भी हो सकती है। b वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन (WTC) साउथ अफ्रीका ने 2 बार की रनर-अप भारत को पहले टेस्ट में 30 रन से हरा दिया। इस हार के बाद टीम इंडिया WTC पॉइंट्स टेबल में तीसरे से चौथे नंबर पर खिसक गई। वहीं, साउथ अफ्रीका पांचवे से दूसरे नंबर पर आ गया। भारत की स्पिन कमजोरी: कोलकाता टेस्ट विश्लेषण भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता टेस्ट में भारत की हार पर है। यह पॉडकास्ट विशेष रूप से भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के सामने कमजोरी का विश्लेषण करता है, यह देखते हुए कि टीम ने अपने अधिकांश विकेट स्पिनर्स को खो दिए। स्क्रिप्ट में कोच गौतम गंभीर के बयान का हवाला दिया गया है कि पिच खराब नहीं थी, बल्कि बल्लेबाजी खराब थी, और पिछले एक साल के आंकड़ों को प्रस्तुत किया गया है जो यह दिखाते हैं कि भारतीय पिचों पर गिरे 87 विकेटों में से 60 स्पिनर्स ने लिए। एक खिलाड़ी के दृष्टिकोण से, पॉडकास्ट फुटवर्क की कमी, गेंद को पढ़ने में गलती, और मानसिक तैयारी में सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है, यह निष्कर्ष निकालते हुए कि भारत को अपनी मौलिक स्किल्स को मजबूत करने की जरूरत है। भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाज़ी की हालिया स्पिन कमजोरी का मूल कारण क्या है? भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाज़ी की हालिया स्पिन कमजोरी का मूल कारण कई तकनीकी, मानसिक और रणनीतिक कमियों का संयोजन है, जैसा कि स्रोतों में बताए गए विशेषज्ञ विश्लेषण से स्पष्ट होता है। कमजोरी के मुख्य कारण:
    1. तकनीकी और फुटवर्क में कमी (Technical and Footwork Deficiency):
◦ सबसे पहली और सबसे बड़ी समस्या footwork की है। ◦ जब बैटर स्पिनिंग ट्रैक पर होते हैं, तो उन्हें या तो पूरी तरह आगे जाना होता है या पूरी तरह पीछे। ◦ लेकिन इस सीरीज़ में भारतीय बैटर्स बार-बार बीच में फँसते रहे—ना आगे, ना पीछे। यह बीच में फँसना ही हर नई मुश्किल का चक्र शुरू करता है। 2. बुनियादी कौशल (Basic Skills) का अभाव: ◦ बल्लेबाजों में स्पिन को पढ़ने की कला, गेंद की लेंथ समझने की क्षमता, और हाथ को soft रखने (soft hands) जैसे बुनियादी कौशलों पर काम करने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत दिखती है। ◦ विशेष रूप से, स्पिनर्स को पढ़ने की कला वापस लानी होगी। 3. मानसिक तैयारी में कमी (Lack of Mental Preparation): ◦ पिछले एक साल के कड़वे सच को देखते हुए, कहीं न कहीं skill और mental preparation में कमी साफ दिखती है। ◦ स्पिन सिर्फ गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि एक 'Dimaagi game' (दिमागी खेल) है। अगर बल्लेबाज़ इसे पढ़ने में चूक जाते हैं तो विकेट चला जाता है। 4. खराब बल्लेबाज़ी का पैटर्न (Poor Batting Pattern): ◦ कोलकाता टेस्ट के विश्लेषण से पता चला कि टीम इंडिया ने अपने 60% विकेट स्पिनर्स के सामने खोए। ◦ कमेंट्री बॉक्स के विश्लेषण के अनुसार, एक पैटर्न यह उभरता है कि स्पिनर की flight batter को अपनी तरफ खींचती है, और बल्ला बस आधे मन से निकलता है। इसके परिणामस्वरूप या तो inside edge लगती है या गेंद सीधा close-in fielder के हाथ में चली जाती है। 5. आंकड़ों द्वारा पुष्टि: ◦ पिछले एक साल में भारत में खेले गए 6 टेस्ट मैचों में गिरे कुल 87 विकेटों में से 60 विकेट स्पिनर्स ने लिए। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से बताता है कि स्पिन गेंदबाज़ी भारतीय बैटर्स के लिए एक 'headache' (सिरदर्द) बनी हुई है। ◦ कोच गौतम गंभीर ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा था कि पिच में कोई गलती नहीं थी, बल्कि बल्लेबाज़ी खराब थी। इन समस्याओं को दूर करने के लिए फुटवर्क को 'sharpen' करना, सही लाइन्स पर अटैक की रणनीति बनाना, और Sweep, reverse sweep, lofted shots जैसे शॉट्स का आत्मविश्वास से इस्तेमाल करना आवश्यक बताया गया है। पिछले एक वर्ष में भारतीय पिचों पर टेस्ट मैचों के विकेट गिरने का मुख्य पैटर्न क्या दर्शाता है? पिछले एक वर्ष में भारतीय पिचों पर टेस्ट मैचों के विकेट गिरने का मुख्य पैटर्न स्पिन गेंदबाजों के वर्चस्व को दर्शाता है। यह पैटर्न और इसके निहितार्थ इस प्रकार हैं: 1. आँकड़ों में मुख्य पैटर्न (Dominant Pattern in Statistics): ◦ पिछले एक वर्ष में भारत में कुल 6 टेस्ट मैच खेले गए। ◦ इन मैचों में कुल 87 विकेट गिरे। ◦ इन 87 विकेटों में से, 60 विकेट स्पिनरों ने लिए। ◦ वहीं, तेज़ गेंदबाजों ने सिर्फ 27 विकेट लिए। ◦ इस पैटर्न का एक उदाहरण हाल के कोलकाता टेस्ट में भी देखने को मिला, जहाँ टीम इंडिया ने अपने 60% विकेट स्पिनर्स के सामने खो दिए। एक commentary box विश्लेषण के अनुसार, 20 में से 12 विकेट स्पिनरों को गए, जिसे एक स्पष्ट "pattern" बताया गया। 2. पैटर्न का निहितार्थ (Indication of the Pattern): ◦ विकेट गिरने का यह पैटर्न सीधे तौर पर दर्शाता है कि स्पिन गेंदबाजी भारत के बल्लेबाजों के लिए एक 'सिरदर्द' (headache) बनी हुई है। ◦ यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि भारत को एक ऐसा देश माना जाता था जहाँ स्पिन खेलना "बच्चों का खेल था," लेकिन आज वही भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। 3. अंतर्निहित समस्याएँ (Underlying Issues): ◦ यह संघर्ष कहीं न कहीं कौशल (skill) और मानसिक तैयारी (mental preparation) में कमी को दर्शाता है। ◦ एक खिलाड़ी के दृष्टिकोण से, स्पिनिंग ट्रैक पर फ़ुटवर्क (footwork) सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस सीरीज़ में बार-बार यह दिखा कि भारतीय बल्लेबाज बीच में फँसते रहे—ना पूरी तरह आगे, ना पूरी तरह पीछे। ◦ समस्याएँ बुनियादी कौशल में भी दिखती हैं, जैसे स्पिन को पढ़ना (reading the spin), गेंद की लेंथ समझना, और हाथ नरम रखना (keeping soft hands)। ◦ विकेट अक्सर इस तरीके से गिरते हैं कि स्पिनर की ‘फ़्लाइट’ बल्लेबाज को खींचती है, गेंद पैर के बाहर गिरती है, और बल्लेबाज आधे-अधूरे मन से बल्ला निकालता है, जिसके परिणामस्वरूप या तो इनसाइड एज लगता है या गेंद सीधा क्लोज-इन फील्डर के हाथ में चली जाती है। 4. सुधार की आवश्यकता: ◦ बल्लेबाजों को अपना फ़ुटवर्क तेज (sharpen) करना होगा। ◦ उन्हें स्वीप, रिवर्स स्वीप और लॉफ्टेड शॉट्स का आत्मविश्वास से इस्तेमाल करना होगा। ◦ सबसे ज़रूरी, स्पिनरों को पढ़ने की कला वापस लानी होगी, क्योंकि स्पिन केवल गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि एक दिमागी खेल (Dimaagi game) है। स्पिन गेंदबाजी का सामना करने के लिए बल्लेबाजों को अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी में क्या सुधार करना चाहिए? स्पिन गेंदबाजी का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए, बल्लेबाजों को अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुधार करने चाहिए, जैसा कि स्रोतों में विशेषज्ञ विश्लेषण द्वारा सुझाया गया है: भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदा कमजोरी को देखते हुए, जिसमें साफ तौर पर कौशल (skill) और मानसिक तैयारी (mental preparation) में कमी दिखती है, निम्नलिखित सुधार आवश्यक हैं: I. तकनीकी सुधार (Technical Improvements) 1. फ़ुटवर्क को तेज करना (Sharpening Footwork): ◦ सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण चीज़ फ़ुटवर्क है। ◦ जब बल्लेबाज स्पिनिंग ट्रैक पर होते हैं, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे या तो पूरी तरह आगे जाएँ (fully forward) या पूरी तरह पीछे (fully back) जाएँ। ◦ सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस सीरीज़ में भारतीय बल्लेबाज बार-बार बीच में फँसते रहे—ना आगे, ना पीछे। यह बीच में फँसना ही मुश्किलों का चक्र शुरू करता है। इसलिए फ़ुटवर्क को 'sharpen' करना पड़ेगा। 2. बुनियादी कौशल पर काम करना (Focusing on Basic Skills): ◦ बल्लेबाजों को बुनियादी कौशलों पर काम करने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। इन कौशलों में शामिल हैं: ▪ स्पिन को पढ़ना (Spin ko padhna)। ▪ गेंद की लेंथ समझना (Length samajhna)। ▪ हाथ नरम रखना (हाथ soft रखना)। 3. आक्रामक शॉट्स का आत्मविश्वास से उपयोग: ◦ बल्लेबाजों को अपनी रणनीति में सुधार करते हुए स्वीप (Sweep), रिवर्स स्वीप (reverse sweep), और लॉफ्टेड शॉट्स (lofted shots) का आत्मविश्वास से इस्तेमाल करना होगा। ◦ इसके साथ ही, उन्हें सही लाइन्स पर अटैक की रणनीति (Theek lines par attack strategy) बनानी होगी। II. मानसिक और रणनीतिक तैयारी (Mental and Strategic Preparation) 1. स्पिन को 'दिमागी खेल' के रूप में समझना: ◦ स्पिन केवल गेंदबाज़ी नहीं है; यह एक 'दिमागी खेल' (Dimaagi game) है। ◦ अगर बल्लेबाज गेंद को पढ़ लेते हैं (read the spin), तो खेल आसान हो जाता है, लेकिन अगर वे चूक जाते हैं, तो विकेट चला जाता है। 2. स्पिनर्स को पढ़ने की कला वापस लाना: ◦ सबसे ज़रूरी सुधार यह है कि स्पिनरों को पढ़ने की कला (spinners ko padhne ki kala) वापस लानी होगी। ◦ अगर बल्लेबाज इसे पढ़ने में चूक जाते हैं, तो विकेट चला जाता है, जैसा कि अक्सर तब होता है जब स्पिनर की 'फ़्लाइट' बल्लेबाज को खींचती है, और बल्ला बस आधे मन से निकलता है। 1-1 से ड्रॉ रही सीरीज तो तीसरे पर पहुंचेगा भारत भारत और साउथ अफ्रीका की मौजूदा सीरीज 2 मैचों की है। इसके नतीजों से भारत के पॉइंट्स कितने होंगे, नीचे जानते हैं... 1-1 से ड्रॉ: भारत 59.26% पॉइंट्स के साथ नंबर-3 पर वापस आ जाएगा। 0-1 से हारे: भारत 51.85% पॉइंट्स के साथ नंबर-4 पर बना रहेगा। 0-2 से हारे: भारत 48.15% पॉइंट्स के साथ नंबर-5 पर खिसकेगा। दक्षिण अफ्रीका के बाद भारतीय टीम इस WTC साइकल में 3 सीरीज और खेलेगी। टीम इंडिया को पहले श्रीलंका, फिर न्यूजीलैंड और आखिर में ऑस्ट्रेलिया से खेलना है। ये हार IPL की भाषा में कहें तो ‘total batting collapse’ है! स्पिनर्स ने पूरी लाइन-अप को ऐसे लपेटा जैसे death overs में yorkers की बरसात हो. Intent zero, footwork missing और shot selection तो बिलकुल ही tournament से बाहर! अगर आप इंडिया के top-order हो और spin पढ़ ही नहीं पा रहे — तो bhai koi भी opposition आपको हर दिन हराएगा. ये सिर्फ हार नहीं, ये एक wake-up siren है.” साउथ अफ्रीका चैंपियन, भारत 2 बार फाइनल हारा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) को ICC ने 2019 में शुरू किया। इसमें 9 टीमों को 6 टीमों के खिलाफ 2 से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी होती हैं। इनमें 3 अपने घर और 3 सीरीज विदेश में रहती हैं। सभी टीमों के मैच खत्म होने के बाद पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 पोजिशन पर रहने वाली टीमों के बीच फाइनल होता है। भारत ने 2021 और 2023 में 2 बार फाइनल में जगह बनाई, लेकिन टीम न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी मुकाबला हार गई। साउथ अफ्रीका ने 2025 में फाइनल खेला और टीम ऑस्ट्रेलिया को हराकर चैंपियन भी बनी।
  • India vs South Africa analysis

  • Kolkata Test insights

  • Spin bowling analysis

  • Indian batting collapse

  • Cricket panel discussion

  • IPL style cricket analysis

  • Cricket specialist opinion

  • Match review podcast Hindi

  • Cricket deep analysis