राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) विवाद:
(RCA) is facing a serious internal dispute and administrative crisis
The Rajasthan Cricket Association (RCA) is facing a serious crisis,क्रिकेट गतिविधियों, खिलाड़ियों के चयन और टूर्नामेंटों के संचालन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जांच समिति द्वारा पिछले कुछ महीनों के सभी वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों की समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
-------------------------------------------------------------------------------- विस्तृत विश्लेषण- 1. सरकारी जांच और प्रमुख आरोप
- 2. दीनदयाल कुमावत का पक्ष और प्रति-आरोप
- 3.IPL प्रोपेगेंडा:
- 4. टूर्नामेंट का आगाज़ (संदर्भ तिथि के अनुसार):
- 5. विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन और प्रमुख खिलाड़ी
- 6. प्रमुख खिलाड़ी:
1. राज्य सरकार ने एडहॉक कमेटी के सदस्यों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच का आदेश: • जांचकर्ता: राजस्थान खेल परिषद के सचिव सुनील भाटी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। • समय-सीमा: भाटी को 7 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह को सौंपनी होगी। • शिकायतकर्ता: यह जांच एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों—पिंकेश जैन, मोहित यादव, आशीष तिवारी और धनंजय सिंह खींवसर—द्वारा खेल मंत्री और सहकारिता विभाग के अधिकारियों से की गई शिकायत के बाद शुरू हुई है। दीनदयाल कुमावत पर लगे आरोप: एडहॉक कमेटी के सदस्यों ने संयोजक कुमावत पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: • खिलाड़ियों के चयन में अनियमितता: खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया में मनमानी करने का आरोप। • वित्तीय गड़बड़ियां: होटल बुकिंग, किट बैग की खरीद और अन्य खर्चों में अनियमितता बरतना। • एकतरफा निर्णय: कमेटी के अन्य सदस्यों की अनदेखी करते हुए तानाशाही रवैया अपनाना और एकतरफा फैसले लेना।
2. दीनदयाल कुमावत का पक्ष और प्रति-आरोप दीनदयाल कुमावत ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया है।
आरोपों का खंडन:
• कुमावत ने कहा है कि उन पर लगे सभी आरोप "बेबुनियाद" हैं।
• उन्होंने यह भी कहा कि यदि भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो वह खुद इस्तीफा देकर चले जाएंगे।
• डराने की कोशिश: कुमावत का दावा है कि खेल परिषद के अधिकारी उन्हें डराने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने परिषद में ₹9 करोड़ के भ्रष्टाचार को उजागर किया था।
• IPL प्रोपेगेंडा:
उन्होंने इस पूरे विवाद को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आयोजन को लेकर रचा गया "प्रोपगेंडा" बताया है। उनका तर्क है कि इसका उद्देश्य IPL के आयोजन की जिम्मेदारी फिर से खेल परिषद को दिलाना है।
• नीरज कुमार पवन पर आरोप: कुमावत ने सीधे तौर पर खेल विभाग के शासन सचिव नीरज कुमार पवन पर पिछले साल IPL के नाम पर हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने पवन को "कांग्रेस विचारधारा से जुड़े अधिकारी" के रूप में भी वर्णित किया है।
RCA में पिछले एक महीने से चल रही इस आंतरिक खींचतान ने राज्य में क्रिकेट की गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। • बढ़ता आंतरिक कलह: 5 सदस्यीय एडहॉक कमेटी में से चार सदस्य संयोजक के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं, जिससे कमेटी के भीतर कामकाज ठप हो गया है। • क्रिकेट गतिविधियों पर असर: इस विवाद का सीधा असर राज्य की क्रिकेट गतिविधियों, खिलाड़ियों के चयन और टूर्नामेंटों के संचालन पर पड़ रहा है।
• अन्य विवाद:
◦ हाल ही में सीनियर सिलेक्शन कमेटी को भंग कर एक नई कमेटी का गठन किया गया, जो आंतरिक मतभेदों को दर्शाता है।
◦ दीपावली स्नेह मिलन कार्यक्रम को लेकर भी विवाद जारी है।
4. जांच का दायरा और आगामी कदम
सरकार द्वारा गठित जांच समिति इस मामले की गहन पड़ताल करेगी और उसके निष्कर्षों के आधार पर भविष्य की कार्रवाई तय होगी।
• जांच का दायरा: समिति RCA में पिछले कुछ महीनों में हुए सभी वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों की व्यापक समीक्षा करेगी।
• आगामी कार्रवाई: सुनील भाटी द्वारा खेल मंत्री को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तय की जाएगी। यह रिपोर्ट RCA के भविष्य और उसके प्रबंधन के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

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