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3 नव॰ 2025

47 साल इंतजार के बाद वर्ल्ड चैंपियन बनी भारतीय टीम:

वर्ल्ड चैंपियन बनी भारतीय टीम:

भारतीय महिला विश्व कप जीत: रिकॉर्ड और सितारे

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली आईसीसी वनडे विश्व कप जीत पर केंद्रित हैं, जो 47 साल के लंबे इंतजार के बाद हासिल हुई है। लेख फाइनल मैच की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं, जिसमें भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराया था, और शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द फाइनल और दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। इनमें सेमीफाइनल में जेमिमा रॉड्रिग्स के ऐतिहासिक शतक और लीग चरण के महत्वपूर्ण मैचों का उल्लेख करते हुए टूर्नामेंट में टीम के प्रेरक सफर पर भी प्रकाश डाला गया है। इन लेखों में महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स और पुरस्कार राशि जैसे विवरण भी शामिल हैं, जिससे यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बन गई है।

करो या मरो के मुकाबले में कौन सी ओपनर जोड़ी ने शतक लगाया?

करो या मरो के मुकाबले में स्मृति मंधाना और ओपनर प्रतिका रावल की सलामी जोड़ी ने शतक लगाया था।
यह लीग चरण का छठवां मुकाबला था, जो भारत और न्यूजीलैंड दोनों के लिए 'हार का मतलब उम्मीदें खत्म' वाला मैच था। इस करो या मरो के मैच में, उपकप्तान स्मृति मंधाना और ओपनर प्रतिका रावल ने शतक लगाकर टीम को जीत दिलाई और सेमीफाइनल में पहुंचाया। दोनों ओपनरों ने मिलकर 212 रन की साझेदारी की। प्रतिका रावल ने 134 गेंद पर 122 रन बनाए, जबकि उप कप्तान स्मृति मंधाना ने 95 गेंदों पर 109 रन की पारी खेली।

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यह करो या मरो वाला मुकाबला जीतने के बाद, टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंची थी, लेकिन क्या आप जानना चाहेंगे कि इस शानदार शतकीय जोड़ी में से किसे चोट लगने के कारण टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा और उनकी जगह टीम में किसे शामिल किया गया? फाइनल मुकाबले में कौन टॉस हारा?

फाइनल मुकाबले में भारत टॉस हारा था।

साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। टॉस हारने के बाद भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए कहा गया।

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चूँकि भारत फाइनल मुकाबले में टॉस हारने के बावजूद विश्व चैंपियन बना, क्या आप जानना चाहेंगे कि टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए, युवा ओपनर शेफाली वर्मा ने कितने रन की शानदार पारी खेली, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द फाइनल' चुना गया? दीप्ति शर्मा को कौन सा पुरस्कार मिला? >

दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (Player of the Tournament) का खिताब मिला था। उन्हें यह खिताब पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए दिया गया:

शेफाली को फाइनल में क्या पुरस्कार मिला?

शेफाली वर्मा को फाइनल मुकाबले में प्लेयर ऑफ द फाइनल का पुरस्कार मिला था।
उन्हें यह पुरस्कार उनके शानदार प्रदर्शन के लिए दिया गया:

  • 1. उन्होंने फाइनल में 87 रन की शानदार पारी खेली।
  • 2. उन्होंने गेंदबाजी में भी 2 अहम विकेट लिए।
  • 3. वह फाइनल में अर्धशतक (फिफ्टी) लगाने वाली सबसे कम उम्र की प्लेयर (21 साल 278 दिन) बनीं।
  • 4. वह फाइनल में यह अवॉर्ड पाने वाली सबसे कम उम्र की प्लेयर भी बनीं।
  • 5. उनके 87 रन विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बन गया।

शेफाली वर्मा ने फाइनल मुकाबले में 87 रन की शानदार पारी खेली थी। शेफाली वर्मा फाइनल में अर्धशतक (फिफ्टी) लगाने वाली सबसे कम उम्र की प्लेयर भी बनीं थीं। क्या आप जानना चाहेंगे कि उन्होंने कितनी उम्र में यह कारनामा किया और उन्होंने किस खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ा, जिनके नाम 2013 वर्ल्ड कप में यह उपलब्धि दर्ज थी?

न्यूजीलैंड से हार का क्या मतलब होता? उन्हें इस पारी (87 रन) और गेंदबाजी में लिए गए 2 अहम विकेटों के लिए प्लेयर ऑफ द फाइनल (Player of the Final) का पुरस्कार दिया गया था। यह पारी विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बन गई, जिसने 2017 के फाइनल में पूनम राउत द्वारा बनाए गए 86 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ा। -------------------------------------------------------------------------------- फाइनल मुकाबला मुंबई के DY पाटील स्टेडियम में खेला गया था।

DY पाटील स्टेडियम की पिच को बैटिंग फ्रेंडली बताया गया था, जहाँ स्पिनर्स को मदद मिलने और हाई स्कोरिंग मुकाबला होने की उम्मीद थी। -------------------------------------------------------------------------------- चूँकि DY पाटील स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी, क्या आप जानना चाहेंगे कि इस फाइनल मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ कितने रन का स्कोर खड़ा किया था, जो विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी रहा?

फाइनल मुकाबला कहाँ खेला गया?

फाइनल मुकाबला मुंबई के DY पाटील स्टेडियम में खेला गया था। डीवाई पाटील स्टेडियम की पिच को बैटिंग फ्रेंडली बताया गया था, जहाँ हाई स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद थी। इस स्टेडियम में पिछला मुकाबला 30 अक्तूबर को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था, जिसमें विमेंस वनडे का सबसे बड़ा 339 रन का टारगेट चेज हुआ था।फाइनल मुकाबला मुंबई के DY पाटील स्टेडियम में खेला गया था। डीवाई पाटील स्टेडियम की पिच को बैटिंग फ्रेंडली बताया गया था, जहाँ एक हाई स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद थी। साउथ अफ्रीका ने इस स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। चूँकि DY पाटील स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी, क्या आप जानना चाहेंगे कि टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ कितने रन का स्कोर खड़ा किया था, जो विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी रहा?

फाइनल में भारत ने कितने रन बनाए? --------------------------------------------------------------------------------

चूँकि DY पाटील स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी, क्या आप जानना चाहेंगे कि इस फाइनल मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ कितने रन का स्कोर खड़ा किया था, जो विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी रहा?

विश्व कप कितने साल बाद नया चैंपियन मिला?

विमेंस वनडे विश्व कप को 25 साल बाद एक नया चैंपियन मिला। 2025 में भारत के चैंपियन बनने से पहले, आखिरी बार कोई नई टीम 2000 में चैंपियन बनी थी, जब न्यूजीलैंड ने खिताब जीता था। इस टूर्नामेंट के 52 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया (जिन्होंने मिलकर 11 बार खिताब जीता है) फाइनल का हिस्सा भी नहीं थीं।

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चूंकि भारत ने 25 साल बाद टूर्नामेंट को नया चैंपियन दिया, क्या आप जानना चाहेंगे कि विमेंस वनडे विश्व कप में भारत ने पहली बार कब हिस्सा लिया था,
और इस पहली आईसीसी ट्रॉफी को जीतने के लिए टीम इंडिया को कितने साल का लंबा इंतजार करना पड़ा? --------------------------------------------------------------------------------

शेफाली वर्मा को चोटिल ओपनर प्रतिका रावल के स्थान पर इंजरी रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया था। क्या आप जानना चाहेंगे कि टीम में शामिल होने के केवल 6 दिन बाद वर्ल्ड कप फाइनल में इतिहास रचने वाली शेफाली वर्मा का "स्वप्निल सफर" कैसा रहा? दीप्ति शर्मा ने कितने विकेट लिए?

दीप्ति शर्मा ने इस विमेंस वर्ल्ड कप में कुल 22 विकेट चटकाए थे। वह पूरे टूर्नामेंट में टॉप विकेट टेकर रहीं और उन्होंने फाइनल मुकाबले में भी 5 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई। इन 22 विकेटों के साथ, वह विमेंस वर्ल्ड कप के एक सीज़न में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली बॉलर बनीं।

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दीप्ति शर्मा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के साथ-साथ वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली दूसरी गेंदबाज भी बन गईं। क्या आप जानना चाहेंगे कि दीप्ति शर्मा से आगे किस भारतीय दिग्गज का नाम है, जिनके नाम वर्ल्ड कप में 43 विकेट दर्ज हैं? फाइनल मुकाबला कहाँ खेला गया? दीप्ति शर्मा ने 22 विकेट लेने के साथ 215 रन भी बनाए और इस तरह वह वर्ल्ड कप के इतिहास में 200 से अधिक रन और 20 विकेट लेने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी भी बनीं। क्या आप जानना चाहेंगे कि दीप्ति शर्मा ने विमेंस वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा 22 विकेट लेकर भारत के लिए किस दिग्गज गेंदबाज का 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा?

सेमीफाइनल में कौन चोटिल होकर बाहर हुई?

सेमीफाइनल मुकाबले से पहले, करो या मरो के मुकाबले में शतक लगाने वाली ओपनर प्रतिका रावल चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं थीं। प्रतिका रावल को 26 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें टूर्नामेंट से बाहर किया गया और उनकी जगह शेफाली वर्मा को इंजरी रिप्लेसमेंट के रूप में टीम में शामिल किया गया।

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चूँकि प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद, युवा ओपनर शेफाली वर्मा ने सेमीफाइनल में ओपनिंग की थी, क्या आप जानना चाहेंगे कि सात बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए इस सेमीफाइनल मुकाबले में, शेफाली ने कैसा प्रदर्शन किया और किस खिलाड़ी ने अपनी शानदार पारी से टीम को फाइनल में पहुँचाया? विश्व कप फाइनल कहाँ खेला गया?

अगर भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग चरण का छठवां मुकाबला हार जाता, तो इसका मतलब होता कि टीम सेमीफाइनल की दौड़ से भी बाहर हो जाती। यह मैच भारत और न्यूजीलैंड दोनों के लिए एक "करो या मरो" वाला मैच था, जहाँ हार का मतलब उम्मीदें खत्म वाला मैच था। --------------------------------------------------------------------------------

चूँकि 298 रन का यह स्कोर विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था,

क्या आप जानना चाहेंगे कि इस बड़े स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए, भारत ने साउथ अफ्रीका को कितने रनों से हराकर, 47 साल का लंबा इंतजार खत्म किया? फाइनल में भारत ने कितने रन बनाए?

यह स्कोर विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। हालाँकि, एक समय लग रहा था कि भारत 325 से ज्यादा का स्कोर खड़ा करेगा, लेकिन डेथ ओवर में दक्षिण अफ्रीका की कसी गेंदबाजी के कारण टीम 298 रन ही बना सकी। इस पारी में शेफाली वर्मा ने सबसे ज्यादा 87 रन और दीप्ति शर्मा ने 58 रन की अर्धशतकीय पारी खेली थी। सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 338 रन बनाए थे। शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलियाई टीम 400 रन का स्कोर बना सकती है। चूँकि दीप्ति शर्मा ने टूर्नामेंट में 22 विकेट लेकर भारत के लिए एक सीज़न में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया, क्या आप जानना चाहेंगे कि उन्होंने किस भारतीय दिग्गज गेंदबाज का 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था? हालांकि, युवा गेंदबाज अमजोत कौर और इस टूर्नामेंट की खोज श्री चरणी ने एक के बाद एक विकेट लेकर 400 की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम पर लगाम लगाई और भारत ने उन्हें 338 रन पर रोक दिया।

चूंकि भारत को जीत के लिए 339 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य चेज़ करना था,

चूंकि जेमिमा को शुरुआती मुकाबलों में खराब फॉर्म के कारण प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था, क्या आप जानना चाहेंगे कि सेमीफाइनल में शानदार वापसी करने के बाद, उन्होंने फाइनल मुकाबले में कितने रन का योगदान दिया? शेफाली को फाइनल में कितने रन बनाने थे?क्या आप जानना चाहेंगे कि इस ऐतिहासिक रन चेज़ में कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रॉड्रिग्स ने मिलकर टीम को जीत तक पहुंचाने के लिए कौन सी ऐतिहासिक पारी खेली? सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने कितने रन बनाए?सेमीफाइनल मुकाबले में जेमिमा रॉड्रिग्स ने नाबाद 127 रन बनाए थे। उन्होंने यह ऐतिहासिक पारी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए, कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मिलकर तब खेली, जब भारत के दोनों ओपनर 59 रन पर पवेलियन लौट चुके थे। उनकी यह नाबाद पारी टीम को 339 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज़ करने में सहायक रही और भारत फाइनल में पहुंचा। उन्हें इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था।

------------------------------------------------------------------------------- चूँकि भारत ने न्यूजीलैंड को 53 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी, क्या आप जानना चाहेंगे कि इस करो या मरो वाले मुकाबले में टीम इंडिया ने 340 रन का विशाल स्कोर कैसे खड़ा किया था? फाइनल मुकाबला कहाँ खेला गया? फाइनल मुकाबला मुंबई के DY पाटील स्टेडियम में खेला गया था। डीवाई पाटील स्टेडियम की पिच को बैटिंग फ्रेंडली बताया गया था, जहाँ एक हाई स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद थी। साउथ अफ्रीका ने इस स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। --------------------------------------------------------------------------------

दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। उन्हें यह खिताब पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए दिया गया:

• दीप्ति शर्मा इस विमेंस वर्ल्ड कप में 22 विकेट चटकाकर टॉप विकेट टेकर बनीं। • उन्होंने एक ही सीज़न में भारत के लिए सबसे ज्यादा (22) विकेट लेने वाली बॉलर का रिकॉर्ड भी बनाया, और शशिकला कुलकर्णी का 1981 का रिकॉर्ड तोड़ा। • उन्होंने 22 विकेट लेने के साथ-साथ 215 रन भी बनाए। • वह वर्ल्ड कप के इतिहास में 200 से अधिक रन के साथ 20 विकेट लेने वालीं दुनिया की पहली महिला प्लेयर भी बनीं। • फाइनल मुकाबले में, उन्होंने अर्धशतकीय पारी (58 रन) खेली और 5 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई। यह इस विश्व कप में उनका तीसरा अर्धशतक था। tag #India beat South Africa for historic first World Cup title, Match Highlights --------------------------------------------------------------------------------