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राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) की बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहर की अनदेखी और उसके दुखद अंत पर प्रकाश डालता है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में स्थित सैकड़ों दुर्लभ तस्वीरें, जिनमें सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के यादगार पल कैद थे, एक कबाड़ी को बेच दी गई हैं। ललित मोदी के कार्यकाल के दौरान सजाई गई इन तस्वीरों में प्रसिद्ध फोटोग्राफर प्रदीप मंधानी की कलाकृतियां भी शामिल थीं, जिन्हें अब ट्रकों में लादकर हटा दिया गया है। खेल परिषद की इस कार्रवाई पर आरसीए ने पूर्ण चुप्पी साध रखी है, जिससे खेल प्रशंसकों और प्रशासन के बीच गहरी नाराजगी है। स्थानीय मीडिया द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बावजूद, भारतीय क्रिकेट के स्वर्ण युग को दर्शाने वाली इन यादों को सहेजने के बजाय कचरे की तरह फेंक दिया गया। यह घटना खेल जगत की विरासत के प्रति प्रशासनिक उदासीनता का एक गंभीर उदाहरण पेश करती है।
https://www.cricketernews1.blogpost.com घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
• स्पोर्ट्स काउंसिल की कार्रवाई:
सवाई मानसिंह स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में लगी देश और दुनिया के स्टार क्रिकेटरों की लगभग 400-500 तस्वीरों को स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा हटाया गया था। राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की इन ऐतिहासिक धरोहरों (क्रिकेटरों की तस्वीरों) को हटाने और कबाड़ी को बेचने का कोई एक स्पष्ट आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है,
• मीडिया रिपोर्ट का प्रभाव: मुख्य रूप से, जब 'एक स्थानीय समाचार पत्र ने 21 फरवरी के अंक में यह मुद्दा उठाया कि कई क्रिकेटरों की तस्वीरें जमीन पर लावारिस पड़ी हैं (जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और सौरभ गांगुली की तस्वीर भी शामिल थी), तो अखबार की सुर्खियां बनने के बाद स्पोर्ट्स काउंसिल ने इन तस्वीरों को कबाड़ी के ट्रक में लदवा दिया।
• पुरानी सत्ता से जुड़ाव:
ये तस्वीरें उस समय लगाई गई थीं जब ललित मोदी राजस्थान क्रिकेट संघ की सत्ता में थे।
इन तस्वीरों में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरभ गांगुली जैसे दिग्गजों की दुर्लभ तस्वीरें शामिल थीं, जिनमें से अधिकांश प्रसिद्ध फोटोग्राफर प्रदीप मंधानी द्वारा खींची गई थीं। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान राजस्थान क्रिकेट संघ को इसकी भनक तक नहीं थी और न ही उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी
इन तस्वीरों में सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली जैसे दिग्गजों के दुर्लभ चित्र और क्रिकेट इतिहास के महत्वपूर्ण पल शामिल थे, लेकिन स्रोतों के अनुसार, प्रशासन द्वारा नीलामी जैसे किसी भी वैकल्पिक या सम्मानजनक तरीके पर विचार नहीं किया गया।
• पुराने नेतृत्व की विरासत: ये तस्वीरें उस समय की हैं जब ललित मोदी राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे। यह संकेत देता है कि यह विवाद आरसीए के पुराने प्रशासनिक काल और वर्तमान प्रबंधन या स्पोर्ट्स काउंसिल के बीच के अंतर से जुड़ा हो सकता है। • अधिकार क्षेत्र और कार्रवाई: सवाई मानसिंह स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में लगी इन 400-500 तस्वीरों को स्पोर्ट्स काउंसिल ने हटाया और अंततः कबाड़ी को बेच दिया। सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आरसीए को इसकी भनक तक नहीं थी, जो दोनों संस्थाओं के बीच संवाद की कमी या प्रशासनिक टकराव को दर्शाता है।
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