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Welcome to Cricketer News • IPL 2026 का जयपुर में सुपर क्रेज! cricketernews1अप्रैल 19, 2026 https://www.cricketernews1.blogpost.com IPL 2026 का जयपुर में सुपर क्रेज! क्या आपने कभी सोचा है, एक टिकट के लिए हजारों लोग लाइन में लगें—और टिकट मिनटों में गायब हो जाए? नमस्कार दोस्तों, मैं SISODIA आपका स्वागत करता हूं इस धमाकेदार एपिसोड में! बिल्कुल SISODIA, और मैं rANU! आज हम बात करेंगे IPL 2026 के जयपुर क्रेज की—टिकट, टीम की फॉर्म और फैंस का जुनून, सब कुछ। तो आज जानेंगे: कैसे टिकट लेने की होड़ मच रही है, राजस्थान रॉयल्स की ताज़ा फॉर्म कैसी है, स्टेडियम में फैंस का माहौल कैसा रहेगा और आखिर टिकट की कीमतें क्यों बढ़ गई हैं? टिकट बिक्री का जबरदस्त माहौल यह बात तो वाकई चौंकाने वाली है कि 25 अप्रैल वाले मैच की ऑनलाइन टिकट फेज-1 चंद मिनटों में SOLD OUT हो गई! IPL, T20, ODI & Test Match News • Click Below to Watch Latest Videos •

Rajasthan cricket's precious heritage in the trash

बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहर की अनदेखी

राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) की बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहर की अनदेखी और उसके दुखद अंत पर प्रकाश डालता है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में स्थित सैकड़ों दुर्लभ तस्वीरें, जिनमें सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के यादगार पल कैद थे, एक कबाड़ी को बेच दी गई हैं। ललित मोदी के कार्यकाल के दौरान सजाई गई इन तस्वीरों में प्रसिद्ध फोटोग्राफर प्रदीप मंधानी की कलाकृतियां भी शामिल थीं, जिन्हें अब ट्रकों में लादकर हटा दिया गया है। खेल परिषद की इस कार्रवाई पर आरसीए ने पूर्ण चुप्पी साध रखी है, जिससे खेल प्रशंसकों और प्रशासन के बीच गहरी नाराजगी है। स्थानीय मीडिया द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बावजूद, भारतीय क्रिकेट के स्वर्ण युग को दर्शाने वाली इन यादों को सहेजने के बजाय कचरे की तरह फेंक दिया गया। यह घटना खेल जगत की विरासत के प्रति प्रशासनिक उदासीनता का एक गंभीर उदाहरण पेश करती है।

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घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
• स्पोर्ट्स काउंसिल की कार्रवाई:
सवाई मानसिंह स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में लगी देश और दुनिया के स्टार क्रिकेटरों की लगभग 400-500 तस्वीरों को स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा हटाया गया था। राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की इन ऐतिहासिक धरोहरों (क्रिकेटरों की तस्वीरों) को हटाने और कबाड़ी को बेचने का कोई एक स्पष्ट आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, • मीडिया रिपोर्ट का प्रभाव: मुख्य रूप से, जब 'एक स्थानीय समाचार पत्र ने 21 फरवरी के अंक में यह मुद्दा उठाया कि कई क्रिकेटरों की तस्वीरें जमीन पर लावारिस पड़ी हैं (जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और सौरभ गांगुली की तस्वीर भी शामिल थी), तो अखबार की सुर्खियां बनने के बाद स्पोर्ट्स काउंसिल ने इन तस्वीरों को कबाड़ी के ट्रक में लदवा दिया। • पुरानी सत्ता से जुड़ाव:
ये तस्वीरें उस समय लगाई गई थीं जब ललित मोदी राजस्थान क्रिकेट संघ की सत्ता में थे। इन तस्वीरों में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरभ गांगुली जैसे दिग्गजों की दुर्लभ तस्वीरें शामिल थीं, जिनमें से अधिकांश प्रसिद्ध फोटोग्राफर प्रदीप मंधानी द्वारा खींची गई थीं। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान राजस्थान क्रिकेट संघ को इसकी भनक तक नहीं थी और न ही उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी


प्रसिद्ध फोटोग्राफर प्रदीप मंधानी द्वारा खींची गई इन तस्वीरों की मुख्य खासियतें नही थीं:

• वैश्विक मांग:
प्रदीप मंधानी एक 'स्टार फोटोग्राफर' माने जाते थे और उनकी खींची गई तस्वीरों की मांग देश-दुनिया के क्रिकेटरों के बीच हमेशा बनी रहती थी। • दिग्गजों की उपलब्धियां:
ये तस्वीरें क्रिकेट जगत के सितारों जैसे सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरभ गांगुली की उपलब्धियों को बयां करती थीं। • दुर्लभ और ऐतिहासिक क्षण:
इन तस्वीरों में कुछ बेहद खास और यादगार पल कैद थे। उदाहरण के तौर पर: ◦ एक तस्वीर में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और अजय जडेजा एक साथ सोफे पर बैठे नजर आ रहे थे। ◦ एक अन्य महत्वपूर्ण तस्वीर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय टीम के तत्कालीन कप्तान सौरभ गांगुली से हाथ मिलाते हुए दिखाई दे रहे थे। • व्यापक संग्रह: ये 400-500 तस्वीरें सवाई मानसिंह स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की गैलरी, हर फ्लोर और सीढ़ियों पर लगी हुई थीं, जो क्रिकेट के इतिहास की एक बड़ी विरासत का हिस्सा थीं

इन तस्वीरों की नीलामी के क्या अन्य विकल्प नहीं थे ।

• सीधी बिक्री:
स्पोर्ट्स काउंसिल ने इन 400-500 ऐतिहासिक तस्वीरों को किसी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बेचने या संरक्षित करने के बजाय सीधे कबाड़ी को बेच दिया। • प्रशासनिक प्रतिक्रिया: जब समाचार पत्र ने इन तस्वीरों के जमीन पर लावारिस और खराब स्थिति में पड़े होने का मुद्दा उठाया, तो स्पोर्ट्स काउंसिल ने इन्हें सहेजने या किसी अन्य विकल्प पर विचार करने के बजाय कबाड़ी के ट्रक में लदवा दिया। • • त्वरित निस्तारण:
तस्वीरों को हटाने के बाद उस स्थान की तुरंत सफाई करवा दी गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि अधिकारियों का प्राथमिक उद्देश्य इन तस्वीरों का त्वरित निस्तारण (Disposal) करना था।


इन तस्वीरों में सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली जैसे दिग्गजों के दुर्लभ चित्र और क्रिकेट इतिहास के महत्वपूर्ण पल शामिल थे, लेकिन स्रोतों के अनुसार, प्रशासन द्वारा नीलामी जैसे किसी भी वैकल्पिक या सम्मानजनक तरीके पर विचार नहीं किया गया।

• पुराने नेतृत्व की विरासत: ये तस्वीरें उस समय की हैं जब ललित मोदी राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे। यह संकेत देता है कि यह विवाद आरसीए के पुराने प्रशासनिक काल और वर्तमान प्रबंधन या स्पोर्ट्स काउंसिल के बीच के अंतर से जुड़ा हो सकता है। • अधिकार क्षेत्र और कार्रवाई: सवाई मानसिंह स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में लगी इन 400-500 तस्वीरों को स्पोर्ट्स काउंसिल ने हटाया और अंततः कबाड़ी को बेच दिया। सूत्रों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आरसीए को इसकी भनक तक नहीं थी, जो दोनों संस्थाओं के बीच संवाद की कमी या प्रशासनिक टकराव को दर्शाता है।

• मीडिया रिपोर्टिंग के बाद का घटनाक्रम: विवाद तब और गहरा गया जब अखबार ने 21 फरवरी को इन बेशकीमती तस्वीरों के जमीन पर लावारिस पड़े होने की खबर प्रकाशित की। अखबार में सुर्खियां बनने के बाद, अपनी जिम्मेदारी निभाने या धरोहर को सहेजने के बजाय, स्पोर्ट्स काउंसिल ने तुरंत इन्हें कबाड़ी के ट्रक में लदवाकर वहां सफाई करवा दी।

• आरसीए की चुप्पी: इस पूरे मामले में एक उल्लेखनीय पहलू यह रहा कि आरसीए की ओर से इस कार्रवाई पर किसी ने एक शब्द भी नहीं बोला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उस समय संस्थाओं के बीच इस ऐतिहासिक विरासत को लेकर कोई समन्वय नहीं था।

आरसीए की अनभिज्ञता:
राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) को इस पूरी कार्रवाई की भनक तक नहीं थी और उन्होंने इस धरोहर को बचाने या इसकी नीलामी करने जैसा कोई सुझाव नहीं दिया।

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